सबको पढ़ना भी जरूरी है, भारी बस्तों की कैसी मजबूरी है। सबको पढ़ना भी जरूरी है, भारी बस्तों की कैसी मजबूरी है।
इर्ष्या की भावना को कभी खुद में जगने नहीं दिया, कभी इस भावना तक अपने आप को पहुँचने ना इर्ष्या की भावना को कभी खुद में जगने नहीं दिया, कभी इस भावना तक अपने आप को प...
कभी मेरे अन्दर के बच्चे के साथ आपभी बच्चे बन जाओ न। कभी मेरे अन्दर के बच्चे के साथ आपभी बच्चे बन जाओ न।
कविता काव्य पाठ कहानियां दिल कि बात ही तो है ! कविता काव्य पाठ कहानियां दिल कि बात ही तो है !
बच्चे कचरा सब खोज रहे अपनी क़िस्मत कोस रहे। बच्चे कचरा सब खोज रहे अपनी क़िस्मत कोस रहे।
सच में तुम मुझसे अलग हो मैं तुमसे अलग हूँ। सच में तुम मुझसे अलग हो मैं तुमसे अलग हूँ।